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गुरुवार, 7 जनवरी 2021

long ke fayde / लौंग के फायदे

long ke fayde

 

 

लौंग के फायदेः-


पूरी दुनिया में मसालों के रूप में लौंग का प्रयोग किया जाता है। साथ ही रोगों की औषधी के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा यह पूजा पाठ आदि धार्मिक कार्यों में बढचढ कर हिस्सा लेती है। देखा जाये तो इसके बिना मानव जीवन का कोई भी पारिवारिक, धार्मिक कार्य पूर्ण नहीं होता। इसकी सुगंध से मन महक जाता है। 


लौंग व उसका तेल एंटी आक्सीडेंट, कवकरोधी, जीवाणुनाशक, वायरलरोधक, सेप्टिकरोधक, होता है। लौंग में लगभग 36 विभिन्न प्रकार के तत्व होते है। जिनमें यूगेनाल प्रमुख होता है। इसके अलावा पोटेशियम, सोडियम, मैग्निशियम, कैल्शियम, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन के और सी, आयोडीन, फाइबर आहार, मैंगनीज, लोहा, फास्फोरस, आदि होता है। 


चिकित्सा प्रणाली में लौंग के सूखे फूल की कलियां व पत्ते के साथ तेल भी व्यापक रूप से चिकित्सा औषधी के रूप में काम आता है। साबुत लौंग व इसका तेल बाजार में आसानी से उपलब्ध होता है। 


पेट फूलना - 

पेट में  जब वायु जमा होकर पेट फूलने लगे तो लौंग का निम्नलिखित अर्क तैयार करके उपयोग करें, लाभ होगा।


लौंग का चूर्ण दस रत्ती और खौलता हुआ पानी आधा कप । जब लौंग चूरण अच्छी तरह भीग जाए तो छान लेना चाहिए। रोजाना तीन बार सेवन करें।


बदहजमी- 

बदहजमी की शिकायत होने पर चूर्ण लौंग दस रत्ती तथा खाने का सोडा दस रत्ती आधा कप उबलते हुए पानी में मिलाकर सेवन करें।


जुलाब- 

यदि जुलाब लेना हो तो लौंग पन्द्रह रत्ती, सोंठ पन्द्रह रत्ती, सनाय तीस ग्राम और उबलता हुआ पानी चैथाई किलो । कम-से-कम एक एक घंटा तक इस घोल को रखा रहने दीजिए, तत्पश्चात् छान लीजिए और तनिक गरम करके उपयोग कीजिए।


खांसी और दमा- 

रात को सोते समय आठ या दस कच्चे या भुने हुए लौंग खाने से आराम हो जाता है ।


बुखार और सिर-दर्द- 

लौंग और चैरेता-दोनों पन्द्रह-पन्द्रह ग्राम को आधा किलो पानी मे पकाइये। जव पानी आंठवां भाग रह जाए तो उतार लीजिए। मलेरिया बुखार के रोगी को बुखार उतरने पर पिलाने से आराम हो जाता है। सिरदर्द की हालत मे चार-पांच लौंग पानी मे पीसकर लगाने से तुरन्त लाभ होता है।


इफलुएंजा-

 सर्दी लगकर बुखार आने पर, यानि इफ्लुएजा, के लिए निम्नलिखित नुस्खा सर्वोत्तम है
पांच लौंग, सोठ चूर्ण पन्द्रह रत्ती, दालचीनी तीस रत्ती। आधा किलो पानी में पन्द्रह मिनट तक उबालकर उपयोग मे लाइये ।


मितली आना-

 चाहे किसी कारणवश मितली आ रही हो, छ लौंग चबा लीजिए, आराम होगा।
हिचकी- हिचकी आने पर दो लौंग मुंह में डालकर चूसने से तुरन्त आराम हो जाता है ।
दूसरा योग- चार ग्राम छोटी इलायची, पांच लौंग, दोनों को थोडे से पानी में पीसकर तथा छानकर तथा पन्द्रह ग्राम मिश्री मिलाकर पिलायें, हिचकी आना बन्द होगी।


प्यास की तीव्रता- 

पानी को उबाल लीजिए। उबलते समय उसमें दो लौंग डाल दीजिए, हम पानी को तांवंे के बर्तन में रखे और ठण्डा होने पर रोगी को पिलाए, एक-दो दिन में ही आराम हो जायेगा ।


दांत दर्दः- 

रूई के फोहे में लोंग का थोडा तेल लगाकर प्रभावित दांत पर लगाये और उससे जुडा जो मसूडा है, वहां लोंग के तेल की थोडी मालिश भी करे। इसके अलावा दो लोंग पीसकर उसमें जैतून का तेल मिलाकर उस मिश्रण को दर्द वाले स्थान पर लगाये। तुरंत आराम हो जायेगा।  
 

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