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शनिवार, 2 जनवरी 2021

Stri purush dono ke liye shakti dayak upay/ स्त्री पुरूष दोनों के लिये शक्तिदायक उपाय

 Stri purush dono ke liye shakti dayak upay. jo dega andruni uttejna.

 


स्त्री पुरूष दोनों के लिये शक्तिदायक उपाय, जो देगा अंदरूनी उत्तेजना

                      अनेक पुरूषों व स्त्रियों में संबंध बनाने की इच्छा धीरे धीरे समाप्त होने लगती है। इससे उनका जीवन नीरस और आनंद रहित हो जाता है। जीवन में रोमांच और रोमांस बिल्कुल समाप्त हो जाता है। कलह, मनमुटाव और निराशा घर करने लगती है। कुछ दंपति इस कारण संतान भी उत्पन्न नहीं कर पाते। जिससे समाज में सर उठाकर चलना मुश्किल हो जाता है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियां होती है। परंतु अपने जीवनसाथी का पे्रम पाकर वह उन परेशानियों से लडने की हिम्मत प्राप्त करता है। परंतु यदि जीवनसाथी ही नीरस और ठंडी प्रकृति का हो जाये तो जीवन में परेशानियों का भूचाल आ जाता है। इसमें भी पुरूषों की इस समस्या के निवारण हेतु तो बाजार में तथा घर में भी अनेक उपाय है। परंतु स्त्रियों की इस परेशानी पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता।
परंतु आज हम स्त्री तथा पुरूष, दोनों के लिये एक ही उपाय प्रस्तुत कर रहे है। जिससे दोनों का एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढेगा। और एक दूसरे की जरूरत महसूस होगी।

पुष्पधन्वा रस- यह अत्यन्त प्रसिद्ध औषधी संयोग है जिसका सेवन स्त्री तथा पुरुष दोनों कर सकते है। पुष्पधनुधारी कामदेव का वरदान स्वरूप यह योग है। इसके सेवन से स्त्री-पुरुष दोनों की कामशक्ति तथा कामेच्छा में वृद्धि होती है। इसकी 1-1 गोली सुबह-शाम पीसकर उसमें डेढ़-डेढ़ चम्मच मक्खन तथा मिश्री मिलाकर प्रयोग करें। यह दवा बाजार में आयुर्वेदिक दवाइयों की दुकान पर विभिन्न फार्मेसियों की बनी हुई मिलती है।


ऊपर से दूध में पिण्ड खजूर उबाल कर खायें और दूध पीयें। इसके प्रयोग से पहले 10 दिन में ही कामोत्तेजना जागृत होने लगती है, किन्तु अपने पर नियंत्रण रखें। इसके नियमित 40 दिन तक धैर्यपूर्वक ब्रह्मचर्य का पालन कर प्रयोग करने से निश्चित रूप से फायदा मिलता है।


पुरुषों को मनोघात या किसी आकस्मिक दुर्घटना के कारण स्त्री संभोग की इच्छा न होती हो तथा इसी तरह स्त्रियों को भी मानसिक आघात लगने या स्त्री के यौनांगों का उचित विकास न होने से कामेच्छा न हो तो, इसके सेवन से कामोत्तेजना जागृत होने लगती है। अतः यह स्त्री-पुरुष दोनों के लिए कामोत्तेजक योग है। इससे लिंग की नसों में रक्त संचार होने लगता है जिससे लिंग का उत्थान तथा संभोग की शक्ति बढ़कर पूर्ण आनन्द व यौनानन्द की प्राप्ति होती है। इस औषध को स्त्री-पुरुष दोनों सेवन करने से निःसन्तान दम्पती सन्तान सुख को प्राप्त करते हैं।


वानरी गुटिका- यह नवविवाहितों के लिए एक अनुपम उपहार है। इसका सेवन संभोग में घोड़े के समान शक्ति प्रदान करता है। नवविवाहिताओं को चाहिए कि वे इसके गुलाब जामुन बनाकर अपने पतियों को अवश्य खिलाएं।
बनाने की विधि- कौंच के बीज-150 ग्राम को दो लीटर दूध में उबालें। दूध गाढा हो जाये तो नीचे उतारकर ठण्डा करें व बीजों के छिलके उतार लें। अब इन बीजों को मिक्सी में या सिलबट्टे से एकदम बारीक पीस लें।


अब बीजों की पिट्ठी के बराबर मैदा तथा 750 ग्राम मावा मिलाकर गूंदे । इसमें थोड़ा सा गिट्स व मिल्कमेड का गुलाब जामुन पाउडर मिलाएं तथा छोटे-छोटे गुलाब जामुन के आकार के गोले बनाकर गाय के घी में भूनें। धीरे-धीरे मन्द आँच पर गुलाबी रंग का होने तक तलें। इन्हें एक तार की चाशनी में डालते जाएं। ठण्डा होने पर उस चाशनी में ही शहद डालकर कांच के मर्तबान में सुरक्षित रखें।
इनकी 1-1 वटिका (गुलाब जामुन) सुबह-शाम प्रतिदिन दूध के साथ सेवन करें।
 

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