Ads

शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

Ek raat me kitni baar sambandh bnane chahiye / एक रात में कितनी बार शारीरिक संबंध बनाने चाहिये

Ek raat me kitni baar sambandh bnane chahiye

 

 

 

एक रात में कितनी बार शारीरिक संबंध बनाने चाहिये


कुछ लोग मानते है कि एक रात में एक से ज्यादा बार संबंध बनाने से ही औरत को संतुष्टि मिलती है। वास्तव में इस धारणा को बनाने में आदमी का ही दोष है। आदमी समय से पहले ही तथा औरत को संतुष्ट किये बिना ही झड जाता है। और औरत के कोई फर्क नहीं पडता। वह तो सूखी की सूखी ही रहती है। तो उसे संतुष्ट करने के लिये एक ही रात में आदमी को दुबारा संबंध बनाना पडता है। और दूसरे संबंध के बाद ही औरत को संतुष्टि मिलती है।
वास्तविकता यह है कि इसमें ज्यादा या कम लगने वाले समय से मतलब नहीं है। औरत को संबंध बनाने के पहले राउंड में ही संतुष्ट किया जा सकता है। लेकिन इसके लिये आदमी का संबंध बनाने में एक्सपर्ट होना चाहिये। संबंध बनाने में जरूरत से ज्यादा समय भले ही लग जाये, लेकिन कम समय में पूरा नहीं होना चाहिये। अन्यथा औरत के सामने लज्जित होना पडेगा। और दूसरे राउंड की तैयारी करनी पडेगीं। 

यह भी पढेंः- मर्द के छूने से औरत के बदन में होती है ऐसी गुदगुदी

रोमांस शुरू करते ही तुरंत औरत के विशेष अंग को मसलना नहीं चाहियें। जिस तरह से छत पर पहुंचने के लिये एक एक सीढी चढनी होती है। उसी तरह औरत की कामवासना जगाने के लिये और उसे चरम पर पहुंचाने के लिये धीरे धीरे शुरू करके फिर अंतिम पर पहुंचना चाहिये। स्त्री के कौनसे अंग को पहले और कौनसे अंग को बाद में छेडना चाहिये। यह समझना ज्यादा मुश्किल नही है। आप यह जान लें कि उसके गुप्त अंग को सबसे बाद में छेडना चाहियें। उसके अलावा सभी अंगों से पहले ही खेलना, मसलना, चूमना, काटना तथा थपथपाना चाहिये। इससे धीरे धीरे उसकी कामवासना जाग कर संबंध बनाने की इच्छा पर पहुंच जायेगीं।

 यह भी पढेंः- अंग के ढीलेपन और शीघ्रपतन से राहत दिलाते है कौंच के बीज

वैसे सामान्य रूप से यह कोई नियम नहीं बना हुआ है कि एक रात में कितनी बार संबंध बनाये जायें। इसमें कोई बंधन नहीं है। संबंधों के प्रति उत्तेजना समाप्त होने के बाद जल्दी उत्तेजित होने वाली औरत को एक सामान्य संबंध क्रिया से ही संतुष्ट किया जा सकता है। यदि संबंध बनाने की शुरूआत में उसके शरीर की अच्छी तरह से मालिश, उसके अंगों को चूमना, काटना, उसे कस कर अपनी बाहों में पकडना, आदि किया जाये तो जल्दी ही उसे पहले राउंड में संतुष्ट किया जा सकता है। 

यह भी पढेंः- संबंध क्षमता बढाये शतावरी

संबंध किस उम्र तक बनाये जाये, यह भी निश्चित नहीं है। मासिक बंद हो जाने के बाद तो गर्भ ठहरने का डर भी समाप्त हो जाता है। तो बिना किसी संकोच के प्रेम संबंध बना  सकते है। कई बार तो मासिक आना बंद होते ही औरत में कामवासना का एक ज्वालामुखी सा फूटता है। जो धडाधड संबंध बनाने से ही शांत होता है। उस समय तो उसे वाइल्ड अर्थात जंगली और वहशी तरीके से संबंध बनाना पसंद होता है। फिर संबंधों में वह कोमलता उसे पसंद नहीं आती। जो नई नई कच्ची कली होती है। तब चाहिये होता है। 

यह भी पढेंः- अश्व की शक्ति देती अश्वगंधा। आजमाएं इस तरह

मासिक बंद होने के बाद तो वह अपने प्रेमी से खुलकर संबंध बनाने के लिये बोलती है। उस समय उसे किसी भी तरह की शर्म नहीं होती। उसे सिर्फ अपनी इच्छा पूर्ति से मतलब होता है। फिर तो वह स्वयं आदमी को नीचे पटक कर उसके उपर चढ जाती है। खुद ही उसके अंग को अपने हाथों और होठों से मालिश करके खेलती रहती है। और जब चाहती है तब अपनी गुफा में डाल लेती है। और जब चाहती है तब अपने मुख में लेकर गुदगुदाने  लगती है। वास्तव में संबंध बनाने का आनंद ही उसी समय आता है। जब औरत अपनी इच्छा से सभी कार्य स्वयं करती है। उसे मानने में समय खराब नहीं होता है।  

Blogger द्वारा संचालित.